Critical Temperature ( क्रांतिक ताप ) :-
“वह निश्चित तापमान जिसके ऊपर किसी पदार्थ की दो अवस्थाओं के बीच स्पष्ट अंतर समाप्त हो जाता है या गुणों में परिवर्तन हो जाता है, क्रान्तिक ताप कहलाता है। इसे Tc से प्रदर्शित करते हैं।
गैसों के लिए—
क्रान्तिक ताप (Critical Temperature) वह अधिकतम तापमान है जिसके ऊपर किसी गैस को केवल दबाव बढ़ाकर द्रव (liquid) में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
अतिचालकता के लिए—
जब अतिचालक ( SuperConductors) पदार्थ (Material) को निश्चित तापमान से नीचे ठंडा (cooled) किया जाता है तो वह अतिचालक अवस्था (Superconducting State ) पर अपनी सामान्य (Normal) अवस्था से पहुंच जाता है , इस संक्रमण (Transition) ताप को क्रांतिक ताप ( Critical Temperature) कहा जाता है ।
" वह ताप जिस पर पदार्थ अपनी सामान्य अवस्था से ठंडा किए जाने पर अपनी अतिचालक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है क्रांतिक ताप कहलाता है ।"
यदि चुंबकीय क्षेत्र ( Magnetic Field ) को Hc से दर्शाया जाय तो क्रांतिक ताप Tc , साधारण ताप T , साधारण चुंबकीय क्षेत्र H⁰ के बीच संबंध निम्न रूप से दर्शाया जाता है -
Hc = H⁰(1- T/Tc)
जहां
Hc - Critical Magnetic Field
H⁰ - Normal Magnetic Field { Hc (0k) पर }
T - Normal Temperature
Tc - Critical Temperature
उच्च Hc के मान के लिए उच्च क्रांतिक ताप आता है जब चुंबकीय क्षेत्र उपस्थित न हो तब
Hc = 0 ,
T = Tc
Hc- T curve For Superconductors
